चुदाई कहानी, Sex Kahani, Hindi sex stories

हिंदी चुदाई की कहानियाँ,Chudai kahani,सेक्स कहानी,Desi xxx hindi sex stories,Antarvasna ki hindi sex kahani,Mastram ki kamuk kahani,Hindi xxx chudai story,Kamvasna ki xxx story with sexy image, Indian xxx youn kahani,nangi behan ki jabardasti chudai,randi maa ki group chudai,pyasi bhabhi ki jamkar chudai,jawan beti ki mast chudai,

बाथरूम में नंगी भाभी की जबरदस्ती चुदाई

चुदाई कहानी, Bhabhi ki chudai, भाभी की चुदाई बाथरूम में Sex Kahani, बाथरूम सेक्स हिंदी क्सक्सक्स कहानी, Chudai kahani, भाभी को चोदा Mastram ki sex story, बाथरूम में भाभी को नंगी पकड़ के चोद दिया xxx real kahani, भाभी की चूत में लंड डाला xxx Desi Kahani, Indian xxx Chudai Ki Hindi Story, भाभी समझ भाई ने मुझे चोद दिया, नंगी भाभी की चुदाई desi xxx hindi kahani,

भाभी बाथरूम से नहा के केवल एक टॉवेल में बाहर निकली क्योंकि उनके घर में उस वक्त कोई भी नही था इस लिए तभी उनकी नज़र मुझ पे पड़ी और वो वापस बाथरूम में चली गई और बोली कि सुमित तुम कब आए तो मैंने कहा कि बस अभी -२ वो फ़िर पूरे कपड़ो के साथ बाथरूम से बाहर निकली तभी मुझे ऐसी नजरो से देखा कि कुछ भी नहीं हुआ हो मैंने भी ऐसा ही नाटक किया तभी भाभी कुछ देर में चाय ले कर आ गई और टेबल पर चाय रख कर बोली कि तुम कहीं पर घूमने नहीं गए पूरी छुट्टियाँ यही घर में बिता दी.
तभी मैं बोला चलो न हम सब लोग कहीं घूमने चलते है मैं जानता था कि उनके घर में कोई भी नहीं था तभी वो बोली कि यहाँ तो कोई भी नहीं है तभी वो बोली कल चलेंगे मैं उनके साथ घूमने चाहता था और इसी लिए मेरा चेहरा उदास हो गया और भाभी को भी शायद ये अहसास हो गया था की मैं ना खुश हूं तभी वो बोली चलो हम दोनो ही घूमने चलते हैतभी हम लोग सबसे पहले सिनेमा देखने गए और वहां पे मूवी लगी थी ऐतराज़ हमने मूवी का पूरा एन्जॉय किया जब भी उस फ़िल्म में सेक्सी सीन आता था तो मैं और भाभी एक दूसरे को देखने लगते थे मुझे ये महसूस हुआ कि भाभी और मेरे मन में कुछ न कुछ तो था तभी हम लोग सिनेमा हॉल से बाहर निकले और तभी बारिश शुरू हो गयी हम लोग वहीं पर अटक गए बारिश रुकने का नाम भी नहीं ले रही थी और हमे शाम हो गई अभी भी बारिश रूकी नहीं थी तभी भैया का फ़ोन आया और भाभी ने बहाना बनाया कि वो अपनी सहेलियों के साथ है और अगर बारिश नहीं रुकी तो वो कल सुबह घर आयेंगी.ये सेक्स कहानी आप चुदाई कहानी डॉट नेट पर पड़ रहे है।मैं समझ गया कि भाभी के मन में क्या है और भाभी ने मेरी तरफ़ देखा और हंसने लगी। हम दोनो ने एक कमरा किराये पर ले लिया और हमने उस कमरे में ही रात गुजारने की सोची। भाभी बोली कि तुम्हें मेरे साथ एक कमरे में सोने में कोई ऐतराज़ तो नहीं तभी मैं बोला कि नहीं भाभी. वो बोली तो ठीक है जो खाना है ओर्डर कर दो रात बहुत हो गयी है हमें सोना है और जल्दी से घर पहुंचना है हम दोनो ने खाना खाया और भाभी सो गयी या सोने का नाटक कर रही थी।उन्होंने सोते समय अपनी साड़ी घुटनों से ऊपर कर रखी थी और टांगें खोल रखी थी। तभी मुझे यह देख कर मेरा लन्ड खड़ा हो गया और भाभी अभी भी ऐसी लगती थी कि उनकी अभी भी शादी नहीं हुई ह। उनका फ़ीगर ३६ २६ ३८ होगा और बहुत सेक्सी थी। तभी मैं उनको देख कर मुठ मारने लगा कि तभी भाभी ने उठ कर मुझ से कहा कि अकेले अकेले ही मज़ा ले रहे हो मैं जो ये किराये का कमरा लेकर तुम्हारे साथ रुकी हुई हूं, इसका क्या होगा? मैं कुछ समझ नहीं पा रहा हूं मैने ऐसा भाभी से कहा।

तभी भाभी ने कहा कि जब से मेरी शादी हुई है मेरी आग अभी तक एक बार ही बुझी है और वो भी मेरे भाई ने बुझाई है ये जो मेरा बच्चा है वो मेरे भाई का है मेरे पति का तो लन्ड खड़ा भी नहीं होता और खड़ा भी होता है तो झड़ता ही नहीं वो तो मेरे पति नाम के ही हैतभी भाभी मुझसे चिपक कर रोने लगी और कहने लगी मैं अपनी आग को शान्त करना चाहती हूं और कहने लगी जब तुम मेरे घर आ रहे थे तब मैंने तुम्हें आते हुए देख लिया था और मैंने नहाने का बहाना किया था जबकी मैं कब की नहा चुकी थी और ये सब प्लान बनाये और इत्तेफ़ाक से आज बारिश भी हो गयी। फ़िर कहने लगी की अब बाकी बातें बाद में पहले अपने काम को अंजाम देते हैं। भाभी ने मुझे बेड पर पटक दिया और मेरे ऊपर आ कर मुझे पूरा नंगा कर दिया और खुद भी पूरी नंगी हो गयी और मेरे ऊपर चढ कर मेरा लन्ड सहलाने लगी। वो मेरे ऊपर ६९ की पोजीशन में लेट गयी, मेरा लन्ड अपने मुंह में ले लिया और कहने लगी- बुझा दो मेरी आग, एक साल से लगी आग आज बुझा दो मैं भी जोश में आ गया और उन्हें चूमने लगा। आधे घन्टे तक हम चूमा चाटी करते रहे और फ़िर मैं झड़ गया।ये सेक्स कहानी आप चुदाई कहानी डॉट नेट पर पड़ रहे है।भाभी बोली- जब तक मैं तुम्हे दोबारा तैयार करती हूं तब तक तुम मेरी चूत का पानी अपने मुंह से निकालो। मैंने अपने मुंह से चोद चोस के भाभी का पानी निकाल दिया। तब तक मेरा लन्ड तैयार हो चुका था। अब भाभी ने मुझ से कहा कि अब सहा नहीं जाता, प्लीज मुझे चोदो। मैंने भाभी को पीठ के बल लिटाया और दोनो टांगें फ़ैला कर अपना लन्ड उनकी चूत पे रगड़ने लगा तभी भाभी ने कहा कि अब बर्दाशत नहीं होता, अब चोद दो, मैने एक जोर का झटका लगाया और पूरा लन्ड भाभी की चूत में डाल दिया।भाभी को बड़े लन्ड की आदत नहीं थी। लन्ड उनकी चूत को फ़ाड़ता हुआ अन्दर चला गया भाभी के मुंह से चीख निकल गयी और वो रोने लगी। मैंने पूछा तो भाभी कहने लगी- कुछ नहीं, तुम चोदते रहो। मैंने भाभी को आधे घन्टे तक चोदा और हम दोनो एक साथ झड़ गये। उस दिन मैंने भाभी की गान्ड भी मारी और पूरी छुट्टियों में कई बार जब भी मौका मिलता, चोदा। और अब जब भी छुट्टी होती है तब मैं भाभी के पास जरूर जाता हूं भाभी भी मेरा इन्तजार करती है और बेसबरी से इन्तजार करती हैं.तभी भाभी मुझसे चिपक कर रोने लगी और कहने लगी मैं अपनी आग को शान्त करना चाहती हूं और कहने लगी जब तुम मेरे घर आ रहे थे तब मैंने तुम्हें आते हुए देख लिया था और मैंने नहाने का बहाना किया था जबकी मैं कब की नहा चुकी थी और ये सब प्लान बनाये और इत्तेफ़ाक से आज बारिश भी हो गयी। फ़िर कहने लगी की अब बाकी बातें बाद में पहले अपने काम को अंजाम देते हैं। ये सेक्स कहानी आप चुदाई कहानी डॉट नेट पर पड़ रहे है।भाभी ने मुझे बेड पर पटक दिया और मेरे ऊपर आ कर मुझे पूरा नंगा कर दिया और खुद भी पूरी नंगी हो गयी और मेरे ऊपर चढ कर मेरा लन्ड सहलाने लगी। वो मेरे ऊपर ६९ की पोजीशन में लेट गयी, भाभी मेरा लन्ड अपने मुंह में ले लिया और कहने लगी- बुझा दो मेरी आग, एक साल से लगी आग आज बुझा दो मैं भी जोश में आ गया और उन्हें चूमने लगा। आधे घन्टे तक हम चूमा चाटी करते रहे और फ़िर मैं झड़ गया।भाभी बोली- जब तक मैं तुम्हे दोबारा तैयार करती हूं तब तक तुम मेरी चूत का पानी अपने मुंह से निकालो। मैंने अपने मुंह से चोद चोस के भाभी का पानी निकाल दिया। तब तक मेरा लन्ड तैयार हो चुका था। अब भाभी ने मुझ से कहा कि अब सहा नहीं जाता, प्लीज मुझे चोदो। मैंने भाभी को पीठ के बल लिटाया और दोनो टांगें फ़ैला कर अपना लन्ड उनकी चूत पे रगड़ने लगा तभी भाभी ने कहा कि अब बर्दाशत नहीं होता, अब चोद दो, मैने एक जोर का झटका लगाया और पूरा लंड भाभी की चूत में डाल दिया।ये सेक्स कहानी आप चुदाई कहानी डॉट नेट पर पड़ रहे है।भाभी को बड़े लंड की आदत नहीं थी। लन्ड उनकी चूत को फ़ाड़ता हुआ अन्दर चला गया भाभी के मुंह से चीख निकल गयी और वो रोने लगी। मैंने पूछा तो भाभी कहने लगी- कुछ नहीं, तुम चोदते रहो। मैंने भाभी को आधे घन्टे तक चोदा और हम दोनो एक साथ झड़ गये। उस दिन मैंने भाभी की गान्ड भी मारी और पूरी छुट्टियों में कई बार जब भी मौका मिलता, चोदा। और अब जब भी छुट्टी होती है तब मैं भाभी के पास जरूर जाता हूं भाभी भी मेरा इन्तजार करती है और बेसबरी से इन्तजार करती हैं.कैसी लगी भाभी की चुदाई स्टोरी , अच्छा लगी तो शेयर करना , अगर कोई मेरी भाभी की चूत की चुदाई करना चाहते हैं तो उसे अब जोड़ना Facebook.com/Komalbhabhi

The Author

अन्तर्वासना हिंदी चुदाई की कहानियाँ

चुदाई की कहानियाँ, सेक्स कहानी, चुदाई कहानी, हिंदी सेक्स कहानी, हिंदी चुदाई कहानी, भाभी की चुदाई, माँ की चुदाई, बहन की चुदाई, आंटी की चुदाई, चाची की चुदाई, मामी की चुदाई, माँ बेटा चुदाई कहानियाँ, अन्तर्वासना चुदाई कहानी, देसी चुदाई कहानी, कामुकता सेक्स कहानी, अन्तर्वासना सेक्स कहानी, नॉनवेज सेक्स कहानी, नॉनवेज चुदाई स्टोरी, माँ की संडास में चुदाई, भाई बहन की चुदाई की कहानियाँ,
चुदाई कहानी, Sex Kahani, Hindi sex stories © 2018 Chudai Kahani